Konark Surya Mandir ये मंदिर जहाजों को अपनी तरफ खींच लेता था

नमस्कार स्वागत है आपका आपका भक्ति ओसियन में। आज हम आपको बताएंगे एक ऐसे सूर्य मंदिर के बारे में जो समुद्री मार्ग से आने जाने वाले जहाजों को अपनी तरफ खींच लेता था। इस वजह से कई जहाज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाते थे। अंग्रेजों ने अपने शासनकाल में इस मंदिर को इस मंदिर में लगे हुए चुंबकीय पत्थरों को निकलवा दिया ताकि व्यापार के लिए समुद्री मार्ग से आने जाने वाले जहाजों को कोई नुकसान ना पहुंचे।

तो आइए अब आपको विस्तार से बताते हैं इस अनोखे सूर्य मंदिर के बारे में जो उड़ीसा में पूरी के उत्तरी पूर्वी किनारे पर समुद्र तट के पास बना हुआ है। यह मंदिर 23 वीं शताब्दी में बनाया गया था और यह हिंदुओं के आराध्य देव भगवान सूर्य को समर्पित है।

कोणार्क सूर्य मंदिर अपने अनोखे डिजाइन और इसमें लगे हुए 52 टन के चुंबकीय पत्थरों की वजह से पूरी दुनिया में मशहूर था भारत के प्राचीन मंदिर को यूनेस्को ने विश्व धरोहर के रूप में मान्यता दी हुई है ऐसा माना जाता है कि इस में लगे हुए 52 टन के चुंबकीय पत्थरों की वजह से यह मंदिर यहां पर मुख्य चुंबक के साथ कई अन्य चुंबक भी लगे हुए थे।

इस वजह से यहां पर भगवान सूर्य की मूर्ति हर वक्त हवा में तैरती रहती थी लेकिन अंग्रेजों के शासनकाल में उन्होंने 52 टन के मुख्य चुंबकीय पत्थर को यहां से निकलवा दिया ताकि समुद्री मार्ग से आने वाले जहाजों को कोई नुकसान न पहुंचे इसके वजह से बाकी के सारे वाक्य पत्थर जो मुख्य पत्थर के साथ एक संतुलन में लगाए गए थे।

वह अपनी जगह से हिल गया और इससे मंदिर की दीवारों का संतुलन भी कमजोर पड़ गया और धीरे-धीरे वह धराशाई हो गई। इस मंदिर में हिंदुओं के आराध्य देव भगवान सूर्य की तीन मूर्तियां स्थापित है पहली मूर्ति बाल्यावस्था की है जिसे उदित सूर्य कहते हैं। इस मूर्ति की ऊंचाई 8 फीट है दूसरी मूर्ति युवावस्था की है जिसे मध्यान्ह सूर्य कहा जाता है। इस मूर्ति की ऊंचाई 9:30 फीट है और तीसरी मूर्ति जिसे प्रौढ़ावस्था कहा जाता है या फिर से सूर्य भी कहा जाता है इसकी ऊंचाई 3:30 फीट है।

इस मंदिर का निर्माण पूर्वी गंगा राजवंश के महाराजा नरसिंह देव जी ने 1250 ईसवी में करवाया था। इस विशालकाय सूर्य मंदिर को बनाने में करीब 1200 मजदूर ने कई वर्षों तक दिन रात अथक मेहनत की थी।

हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको बेहद पसंद आई होगी। जब भी आप को मौका मिले आप कोणार्क सूर्य मंदिर के दर्शन जरूर करें क्योंकि यह एक ऐसी जगह है जो रहस्यों से भरी हुई है। आज भी आज देश-विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं और पूर्वजों द्वारा बनाए गए इस अनमोल धरोहर को देखते ही रह जाते हैं। यहां का आकर्षण सबका मन मोह लेता है। इस मंदिर की बनावट इसके शिल्प कला डिजाइनिंग और इसमें लगे हुए धातुओं की चमक हर व्यक्ति को अपनी तरफ आकर्षित कर लेती है।

इस आर्टिकल को सोशल मीडिया साइट जैसे Facebook, Instagram और Famenest पर शेयर करें ताकि भारत के इस अनमोल धरोहर के बारे में हर व्यक्ति को पता चल सके। आपकी राय हमें कमेंट के माध्यम से बताएं, अगर आपके कुछ सवाल हैं तो हमें उनके जवाब देकर बेहद खुशी होगी।

नई जानकारियों के लिए हमें सब्सक्राइब करें। अगर आप हमारे वीडियो देखना चाहते हैं तो आप Bhakti Ocean का यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कर सकते हैं और साथ ही साथ अब आप हमें Facebook, Instagram और Famenest पर फॉलो भी कर सकते हैं। आपने इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ा इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

Subscribe Bhakti Ocean YouTube Channel

Read more इन्हे भी पढ़ें

साई कष्ट निवारण मंत्र क्या है?

अष्ट लक्ष्मी कुबेर मंत्र क्या है ?

सफलता के लिए शक्तिशाली हनुमान मंत्र

सफल बनाते हैं ये साई मंत्र

छात्रों के लिए शक्तिशाली सरस्वती मंत्र

शेयर करें

Leave a Comment